शनिवार, 11 मार्च 2017

धूप में है ऐसी शक्ति जो करदे जीवन को मंगलमय 

हमारे हिन्दू धर्म में धूप देने व दीप जलाने का महत्व बहुत अधिक है धूप दीप करने से मन को शांति मिलती है घर से सारी नकारात्मक उर्जा समाप्त हो जाती है और सकारात्मक उर्जा का आगमन होता है जिससे घर में सुख शांति मिलती है धूप देने से आकस्मिक दुर्घटनाये नहीं होती है रोगों से मुक्ति मिलती है सभी दोष समाप्त हो जाते है जिस घर में धूप दी जाती हो वंहा गृहकलह नहीं होती- 


धूप के असर से वास्तु दोष का निवारण होता है ! ग्रह नक्षत्र से होने वाले अशुभ प्रभाव भी धूप देने से शुभ प्रभाव देना शुरू कर देते है ! सम्पूर्ण पितृपक्ष में धूप देने से पितृ तृप्त हो जाते है और मुक्ति को प्रदान होते है जिससे पित्र दोष समाप्त हो जाता है 

तो क्या है ये धूप आइये जानते, जिसे हम सब बहुत पीछे छोड़ आये है जी है ये वाही धूप जो कई वर्षो पहले मंदिरों आदि में प्रयोग की जाती थी लेकिन अब बिलकुल ही धूमिल होती जा रही है ! धूप में बड़ी शक्ति होती है ऐसी ही धूप की विधि हम आपको बता रहे है ताकि आप बाजार में आने वाली उन नकली धूप से बच सके-

सामग्री विधि

तंत्रसार के अनुसार अगर, तगर, कुष्ठ, शैलज, शर्करा, नागरमाथा, चंदन, इलाइची, तज, नखनखी, मुशीर, जटामांसी, कर्पूर, ताली, सदलन और गुग्गुल ये सोलह प्रकार के धूप माने गए हैं। इसे षोडशांग धूप कहते हैं। मदरत्न के अनुसार चंदन, कुष्ठ, नखल, राल, गुड़, शर्करा, नखगंध, जटामांसी, लघु और क्षौद्र सभी को समान मात्रा में मिलाकर जलाने से उत्तम धूप बनती है। इसे दशांग धूप कहते हैं-

सभी को सामान भाग में लेकर कूट कर मिक्स कर ले इस प्रकार एक अच्छी धूप तेयार हो जाएगी-

गाय के गोबर का कंडा जलाये और जब उसमे धुआं ना रहे तब उस अंगारे पर उपरोक्त धूप को इशायन कोण में जलाये! धूप देने पर उसके आस पास जल का अर्पण कर, अंगुली से अर्पण करने पर धूप देवताओ को लगती है और अंगूठे से अर्पण करने पर पितरों को प्राप्त होती है सुबह की धूप देवताओ को और शाम की धूप पितरों को प्राप्त होती है जब भी आप धूप दे स्वच्छ हो कर ही दे, धूप देते समय किसी भी संगीत को नहीं बजाना चाहिए और हो सके तो उस समय ज्यादा बोलना भी नहीं चाहिए - 

यह भी ध्यान रखे की धूप का धुआं घर के सभी कोनो में पहुच जाये -

वैसे तो रोज धूप देनी चाहिए परन्तु अगर आप ऐसा ना कर पाए तो प्रत्येक तेरस , चौदस , पूर्णिमा और अमावस्या को तो जरूर देनी चाहिए-